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फ्री लैपटॉप योजना 2026-27: 10वीं और 12वीं के छात्रों को कैसे मिलते हैं ₹25,000 और मुफ्त टैबलेट? जानें राज्यवार पात्रता और आवेदन की पूरी सच्चाई
क्या सरकार सभी छात्रों को फ्री लैपटॉप दे रही है? जानें मध्य प्रदेश (₹25,000 सहायता), उत्तर प्रदेश (डिजीशक्ति पोर्टल), बिहार और अन्य राज्यों की फ्री लैपटॉप योजना 2026 की पात्रता, दस्तावेज, और लिस्ट में नाम चेक करने की आधिकारिक प्रक्रिया।"

हर साल बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम आने और नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही इंटरनेट, व्हाट्सएप और यूट्यूब पर ‘फ्री लैपटॉप योजना’ (Free Laptop Yojana) से जुड़ी खबरें तेजी से वायरल होने लगती हैं। कई संदेशों में दावा किया जाता है कि केंद्र सरकार देश के हर 10वीं और 12वीं पास छात्र को मुफ्त लैपटॉप या ₹25,000 की नकद राशि दे रही है। इन वायरल लिंक्स के कारण लाखों छात्र और अभिभावक भ्रम में पड़ जाते हैं और कई बार गलत वेबसाइटों पर अपनी निजी जानकारी साझा कर बैठते हैं।
यदि आप भी एक छात्र हैं या अपने बच्चों के लिए इस योजना की सही जानकारी तलाश रहे हैं, तो यह विस्तृत गाइड आपके लिए है। इस लेख में हम तथ्यों (Fact-Check), आधिकारिक सरकारी पोर्टल्स .gov.in), राज्यवार नियमों और आवेदन की वास्तविक प्रक्रिया को विस्तार से समझेंगे ताकि आप बिना किसी धोखे के अपने राज्य की योजना का पूरा लाभ उठा सकें।
क्या वाकई केंद्र सरकार ‘पीएम फ्री लैपटॉप योजना’ चला रही है? (Fact Check)
सबसे पहले इस सबसे बड़े भ्रम को दूर करना जरूरी है। सोशल मीडिया पर अक्सर “PM Free Laptop Yojana” या “One Student One Laptop Scheme” के नाम से फॉर्म भरने के लिंक शेयर किए जाते हैं।
सच्चाई यह है:
- भारत सरकार (केंद्र सरकार) या केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा पूरे देश के सभी स्कूली छात्रों के लिए ‘प्रधानमंत्री फ्री लैपटॉप योजना’ नाम से कोई भी सीधी योजना नहीं चलाई जा रही है।
भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक एजेंसी PIB Fact Check (प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो)* ने भी स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार के नाम पर वायरल होने वाले ऐसे सभी डायरेक्ट रजिस्ट्रेशन लिंक फर्जी हैं।
- AICTE (अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद) द्वारा तकनीकी कॉलेजों के लिए ‘वन स्टूडेंट वन लैपटॉप’ का प्रस्ताव केवल कॉलेजों को अपने स्तर पर आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) छात्रों की मदद करने का एक सुझाव मात्र था, न कि कोई सीधी नकद या लैपटॉप वितरण योजना।
तो फिर छात्रों को लैपटॉप और ₹25,000 कैसे मिलते हैं?
दरअसल, यह लाभ केंद्र सरकार नहीं बल्कि अलग-अलग राज्य सरकारें (State Governments) अपने-अपने राज्यों के मेधावी और जरूरतमंद छात्रों को देती हैं। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम, तमिलनाडु और बिहार जैसे राज्यों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग नामों से ये योजनाएं सफलतापूर्वक चलाई जा रही हैं।
प्रमुख राज्यों की फ्री लैपटॉप और टैबलेट योजनाओं की तुलना (2026-27)
भारत के विभिन्न राज्यों में छात्रों को डिजिटल उपकरण या आर्थिक सहायता देने के नियम और पोर्टल अलग-अलग हैं। नीचे दी गई तालिका से आप तुरंत समझ सकते हैं कि आपके राज्य में कौन-सी योजना लागू है:
| राज्य | योजना का आधिकारिक नाम | मिलने वाला लाभ | मुख्य पात्रता | आधिकारिक पोर्टल |
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| मध्य प्रदेश | प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना | ₹25,000 (DBT के जरिए बैंक खाते में) | MP बोर्ड 12वीं में न्यूनतम 75% अंक | shiksha.mp.gov.in |
| उत्तर प्रदेश | स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना | मुफ्त टैबलेट या स्मार्टफोन | स्नातक, पीजी, डिप्लोमा या ITI में नामांकन | digishakti.up.gov.in |
| असम | आनंदराम बरुआ अवार्ड स्कीम (ARBAS) | ₹15,000 नकद राशि या लैपटॉप | SEBA 10वीं बोर्ड में 75% या अधिक अंक | bidyarthi.co.in |
| बिहार | बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड / KYP | लैपटॉप खरीदने हेतु ₹35,000 तक की सहायता | 12वीं पास और उच्च शिक्षा में प्रवेश | 7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in |
| तमिलनाडु | प्राइसलेस लैपटॉप डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम | मुफ्त सरकारी लैपटॉप | सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के 11वीं-12वीं के छात्र | tn.gov.in |
1. मध्य प्रदेश: प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना (₹25,000 की सहायता)
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा में डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ चलाई जाती है। आम भाषा में छात्र इसे एमपी फ्री लैपटॉप योजना कहते हैं।
योजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ
इस योजना के तहत सरकार छात्रों को हाथ में लैपटॉप देने के बजाय उनके बैंक खाते में सीधे ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर करती है। यह पैसा DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजा जाता है, जिससे छात्र अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार बाजार से लैपटॉप खरीद सकते हैं। साथ ही, छात्रों को मुख्यमंत्री की ओर से एक प्रशस्ति पत्र (Certificate of Merit) भी दिया जाता है।
पात्रता की शर्तें (Eligibility Criteria)
निवास: आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी और मूल निवासी होना चाहिए।
बोर्ड की शर्त: छात्र ने मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
अंकों की सीमा: सामान्य और सभी वर्गों के छात्रों के लिए 12वीं कक्षा में न्यूनतम 75% या उससे अधिक अंक लाना अनिवार्य है (सरकार द्वारा समय-समय पर जारी वार्षिक शासनादेश के अनुसार इसमें बदलाव संभव है, लेकिन मानक 75% ही रहता है)।
अध्ययन का प्रकार: यह लाभ नियमित (Regular) और स्वाध्यायी (Private) दोनों प्रकार के पात्र छात्रों को दिया जाता है।
आवेदन की वास्तविक प्रक्रिया
मध्य प्रदेश में इस योजना के लिए किसी भी साइबर कैफे पर जाकर अलग से ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरना पड़ता।
जैसे ही MPBSE 12वीं बोर्ड का रिजल्ट घोषित होता है, शिक्षा विभाग स्वतः ही 75% से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की सूची तैयार कर लेता है।
इसके बाद संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों (Principals) को लॉगिन आईडी के जरिए मध्य प्रदेश शिक्षा पोर्टल 2.0 पर अपने स्कूल के पात्र छात्रों के बैंक खाते की जानकारी और आधार नंबर अपडेट करने का निर्देश दिया जाता है।
छात्र को केवल अपने स्कूल में जाकर अपनी 12वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी जमा करानी होती है।
स्कूल द्वारा डेटा वेरिफाई करने के बाद राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के माध्यम से सभी छात्रों के खातों में ₹25,000 भेज दिए जाते हैं।
2. उत्तर प्रदेश: स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना (डिजीशक्ति पोर्टल)
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के करोड़ों युवाओं को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए देश की सबसे बड़ी डिजिटल वितरण योजनाओं में से एक ‘स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना’ शुरू की है। इसके संचालन के लिए सरकार ने विशेष रूप से DigiShakti Portal बनाया है।
योजना में क्या मिलता है?
उत्तर प्रदेश में नकद पैसे देने के बजाय सरकार सीधे ब्रांडेड कंपनियों (जैसे Samsung, Acer, Lava आदि) के टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित करती है।
टैबलेट किसे मिलता है: तकनीकी शिक्षा (B.Tech, Polytechnic, ITI), चिकित्सा शिक्षा (MBBS, Nursing, Paramedical) और स्नातकोत्तर (Post Graduation) के छात्रों को मुख्य रूप से टैबलेट दिए जाते हैं।
स्मार्टफोन किसे मिलता है: सामान्य स्नातक (BA, B.Sc, B.Com) के अंतिम वर्ष या निर्धारित सेमेस्टर के छात्रों को स्मार्टफोन प्रदान किए जाते हैं।
पात्रता की शर्तें (Eligibility Criteria)
छात्र उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
छात्र राज्य के किसी सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी कॉलेज, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय या तकनीकी संस्थान में नियमित रूप से अध्ययनरत होना चाहिए।
छात्र के परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹2,00,000 (दो लाख रुपये)* से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आवेदक को पहले किसी अन्य सरकारी योजना के तहत मुफ्त टैबलेट या स्मार्टफोन का लाभ न मिला हो।
चयन और वितरण प्रक्रिया (No Direct Registration)
उत्तर प्रदेश के छात्रों को सबसे ज्यादा यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि डिजीशक्ति पोर्टल पर छात्र स्वयं रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकते हैं।
जब आप किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेते हैं, तो आपका संस्थान आपके एडमिशन फॉर्म के डेटा को एक्सल शीट (Excel Sheet) के रूप में डिजीशक्ति पोर्टल पर अपलोड करता है।
यूनिवर्सिटी और जिला प्रशासन (District Nodal Officer) इस डेटा का सत्यापन करते हैं।
डेटा वेरिफाई होने के बाद छात्र को e-Pramaan (Meri Pehchan) पोर्टल के माध्यम से अपना Aadhaar e-KYC पूरा करना होता है। इसके लिए कॉलेज की तरफ से छात्रों को लिंक और निर्देश दिए जाते हैं।
जब जिले में डिवाइस की खेप पहुंच जाती है, तो छात्रों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आधिकारिक SMS आता है और कॉलेज परिसर में ही कैंप लगाकर टैबलेट या स्मार्टफोन वितरित किए जाते हैं।
3. असम: आनंदराम बरुआ अवार्ड स्कीम (ARBAS)
असम सरकार राज्य के मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए पिछले कई वर्षों से ‘आनंदराम बरुआ अवार्ड स्कीम’ (Anundoram Borooah Award Scheme) चला रही है।
पात्रता: जिन छात्रों ने असम माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (SEBA) की 10वीं (HSLC) परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक (Star Marks) प्राप्त किए हैं, वे इस योजना के पात्र होते हैं।
लाभ: सरकार पात्र छात्रों को लैपटॉप या लैपटॉप खरीदने के लिए ₹15,000 की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान करती है।
आवेदन प्रक्रिया: असम के छात्रों को इसके लिए आधिकारिक पोर्टल bidyarthi.co.in या राज्य के शिक्षा पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होता है। वहां छात्र को अपना रोल नंबर, मार्कशीट और बैंक विवरण अपलोड करना पड़ता है।
4. बिहार: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और कुशल युवा प्रोग्राम
बिहार में अक्सर छात्र फ्री लैपटॉप योजना को लेकर सर्च करते हैं। बिहार सरकार द्वारा सीधे तौर पर हर छात्र को मुफ्त लैपटॉप बांटने की कोई योजना नहीं है, लेकिन दो प्रमुख योजनाओं के जरिए छात्रों को डिजिटल शिक्षा और लैपटॉप की सुविधा दी जाती है:
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना (BSCC): 12वीं पास करने के बाद उच्च शिक्षा (जैसे B.Tech, BCA, MBA, BA आदि) के लिए सरकार ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण (अत्यंत कम या शून्य ब्याज दर पर) देती है। इस योजना के नियमों के तहत, यदि आपके कोर्स में लैपटॉप की आवश्यकता है, तो आपको रहने-खाने के खर्च के साथ-साथ लैपटॉप खरीदने के लिए ₹35,000 तक की राशि आवंटित की जाती है।
कुशल युवा प्रोग्राम (KYP): इसके तहत 10वीं और 12वीं पास युवाओं को मुफ्त कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे डिजिटल रूप से साक्षर बन सकें।
योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
चाहे आप मध्य प्रदेश से हों, उत्तर प्रदेश से या किसी अन्य राज्य से—जब आपका स्कूल या कॉलेज आपका डेटा सरकार को भेजता है, तो नीचे दिए गए दस्तावेजों का सही होना बेहद जरूरी है। इनमें से किसी एक में भी त्रुटि होने पर आपका नाम लिस्ट से बाहर हो सकता है:
आधार कार्ड (Aadhaar Card): छात्र का आधार कार्ड अपडेट होना चाहिए। आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग और जन्मतिथि बिल्कुल आपकी 10वीं की मार्कशीट से मेल खानी चाहिए। साथ ही, आधार से चालू मोबाइल नंबर लिंक होना अनिवार्य है।
10वीं और 12वीं की मार्कशीट: बोर्ड द्वारा जारी मूल अंकसूची या डिजिलॉकर (DigiLocker) से सत्यापित कॉपी।
मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate): यह साबित करने के लिए कि आप संबंधित राज्य के स्थायी निवासी हैं।
आय प्रमाण पत्र (Income Certificate): विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार की योजनाओं में परिवार की वार्षिक आय प्रमाणित करने के लिए तहसीलदार द्वारा जारी नया आय प्रमाण पत्र।
जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate): यदि आप SC, ST या OBC वर्ग के तहत किसी विशेष छूट का लाभ ले रहे हैं।
कॉलेज/स्कूल आईडी कार्ड और फीस रसीद: वर्तमान कक्षा या कोर्स में नियमित प्रवेश का प्रमाण।
बैंक पासबुक (Aadhaar Seeded Bank Account): छात्र के स्वयं के नाम का बैंक खाता। इसमें IFSC कोड साफ छपा होना चाहिए।
सबसे महत्वपूर्ण शर्त: बैंक खाते में NPCI / DBT सीडिंग कैसे चेक करें?
मध्य प्रदेश और असम जैसे राज्यों में हजारों छात्रों के 75% से अधिक अंक आने के बावजूद उनके खाते में ₹25,000 की राशि नहीं पहुंच पाती। इसका सबसे बड़ा कारण होता है—बैंक खाते का आधार और NPCI (National Payments Corporation of India) से लिंक न होना।
सरकार अब अकाउंट नंबर और IFSC कोड के जरिए पैसे नहीं भेजती, बल्कि Aadhaar Payment Bridge (APB) के जरिए केवल आधार नंबर डालकर पैसे ट्रांसफर करती है। इसलिए यह सुनिश्चित करें:
आपका बैंक खाता केवल आधार से लिंक (KYC) ही न हो, बल्कि उसमें DBT / NPCI Mapping भी चालू हो।
यदि आपका खाता माइनर (Minor/नाबालिग) श्रेणी का है, तो बैंक में जाकर उसकी ट्रांजैक्शन लिमिट हटवाएं और उसे मेजर या सामान्य बचत खाते में अपडेट कराएं, क्योंकि कई माइनर खातों में ₹10,000 से अधिक की राशि एक बार में जमा नहीं हो पाती।
आप घर बैठे myaadhaar.uidai.gov.in पोर्टल पर लॉगिन करके ‘Bank Seeding Status’ विकल्प में जाकर चेक कर सकते हैं कि आपका कौन-सा बैंक खाता NPCI से एक्टिव है।
आधिकारिक पोर्टल पर अपना नाम और स्टेटस कैसे चेक करें? (Step-by-Step)
यदि आप यह जानना चाहते हैं कि आप इस योजना के लिए पात्र हैं या नहीं, या आपके स्कूल/कॉलेज ने आपका नाम पोर्टल पर चढ़ाया है या नहीं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
मध्य प्रदेश के छात्रों के लिए (Shiksha Portal MP)
सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में मध्य प्रदेश सरकार का आधिकारिक पोर्टल shiksha.mp.gov.in खोलें।
होमपेज पर थोड़ा नीचे स्क्रॉल करने पर आपको ‘लैपटॉप वितरण’ (Laptop Distribution) का एक आइकन दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
नए पेज पर ऊपर मेनू बार में ‘पात्रता जानें’ (Check Eligibility) के विकल्प पर जाएं और ड्रॉपडाउन में से ‘अपनी पात्रता जानें’ पर क्लिक करें।
अब बॉक्स में अपना 12वीं कक्षा का बोर्ड रोल नंबर (Roll Number) दर्ज करें और वर्ष चुनें, फिर ‘Get Details of Meritorious Student’ बटन पर क्लिक करें।
आपकी स्क्रीन पर आपका नाम, पिता का नाम, स्कूल का नाम, प्राप्त प्रतिशत और आपके बैंक अकाउंट डिटेल्स की स्थिति खुल जाएगी।
इसी पेज पर ‘Check Payment Status’ पर क्लिक करके आप यह भी देख सकते हैं कि ₹25,000 आपके खाते में ट्रांसफर हुए हैं या पेमेंट पेंडिंग है।
उत्तर प्रदेश के छात्रों के लिए (DigiShakti Portal UP)
उत्तर प्रदेश के छात्र सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट digishakti.up.gov.in पर जाएं।
होमपेज पर बाईं तरफ दिए गए मेनू में या मुख्य स्क्रीन पर ‘छात्र कॉर्नर’ (Student Corner) पर क्लिक करें।
यहां आपको निर्देश दिए जाएंगे कि किस प्रकार आपका संस्थान आपका डेटा अपलोड करता है।
अपना स्टेटस देखने और e-KYC करने के लिए ‘मेरी पहचान पोर्टल’ (Meri Pehchan Portal) के लिंक पर क्लिक करें।
वहां अपनी University/Board/Society का चयन करें, अपना Enrollment Number (नामांकन संख्या) और कैप्चा कोड दर्ज करके Search पर क्लिक करें।
यदि आपके कॉलेज ने आपका डेटा अपलोड कर दिया है, तो स्क्रीन पर दिख जाएगा कि आपका डेटा संस्थान द्वारा सत्यापित है और डिवाइस आवंटन की प्रक्रिया किस चरण में है।
फर्जी वेबसाइट्स और साइबर ठगी से बचने के 5 जरूरी नियम
जब भी कोई बड़ी सरकारी योजना चर्चा में आती है, तो साइबर ठग छात्रों को निशाना बनाने के लिए फर्जी वेबसाइट्स और यूट्यूब वीडियो बना लेते हैं। अपनी सुरक्षा के लिए इन 5 बातों का हमेशा ध्यान रखें:
डोमेन नाम की पहचान करें: भारत में किसी भी केंद्र या राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के अंत में हमेशा
.gov.in* या.nic.in* लिखा होता है। जिन वेबसाइट्स के अंत में.org,.com,.in,.netया.blogspot.comलिखा हो और वे खुद को सरकारी पोर्टल बताकर फॉर्म भरवा रही हों, वे पूरी तरह निजी या फर्जी हैं।कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लगती: फ्री लैपटॉप या टैबलेट योजना के लिए सरकार ₹1 भी शुल्क नहीं लेती। यदि कोई वेबसाइट या व्यक्ति आपसे ‘फॉर्म चार्ज’, ‘डिलीवरी चार्ज’ या ‘जीएसटी’ के नाम पर ₹100 या ₹500 मांगता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं—यह 100% फ्रॉड है।
OTP और बैंक पिन साझा न करें: सरकार कभी भी आपको फोन करके यह नहीं कहती कि “आपका लैपटॉप आ गया है, वेरिफिकेशन के लिए अपने मोबाइल पर आया OTP बताएं।”
व्हाट्सएप फॉरवर्ड से बचें: व्हाट्सएप ग्रुप में आने वाले ऐसे मैसेज जिनमें लिखा हो—“इस लिंक को 10 ग्रुप में शेयर करें तभी लैपटॉप मिलेगा”—पूरी तरह फिशिंग (Phishing) लिंक होते हैं जो आपके फोन का डेटा चुरा सकते हैं।
नोडल अधिकारी से संपर्क करें: किसी भी कन्फ्यूजन की स्थिति में इंटरनेट के अनजान नंबरों पर कॉल करने के बजाय सीधे अपने स्कूल के प्रिंसिपल या कॉलेज के ‘डिजीशक्ति नोडल अधिकारी’ से मिलें।
यदि पात्र होने के बाद भी लाभ न मिले तो शिकायत कहां करें? (Helpline)
कई बार सभी शर्तें पूरी करने और अच्छे नंबर लाने के बावजूद तकनीकी खामी या स्कूल की लापरवाही से छात्र को योजना का लाभ नहीं मिल पाता। ऐसी स्थिति में आप यहां अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
मध्य प्रदेश के छात्र: यदि आपके 75% से अधिक अंक हैं और बैंक खाता सही होने के बाद भी पैसे नहीं आए हैं, तो सबसे पहले अपने जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में लिखित आवेदन दें। इसके अलावा, आप मध्य प्रदेश सरकार के CM Helpline नंबर 181 पर कॉल करके या
cmhelpline.mp.gov.inपर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।उत्तर प्रदेश के छात्र: यदि आपके बैच के अन्य छात्रों को टैबलेट मिल गया है और आपका नाम छूट गया है, तो तुरंत अपने कॉलेज के रजिस्ट्रार या नोडल ऑफिसर से संपर्क करें। इसके अतिरिक्त, आप उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल (jansunwai.up.nic.in) या CM Helpline 1076 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या 10वीं और 12वीं में 60% अंक लाने पर भी फ्री लैपटॉप मिलता है?
उत्तर: अलग-अलग राज्यों में नियम अलग हैं। मध्य प्रदेश में 12वीं बोर्ड में न्यूनतम 75% अंक अनिवार्य हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश की योजना में 12वीं के प्रतिशत के बजाय उच्च शिक्षा (ग्रेजुएशन, डिप्लोमा, आईटीआई आदि) में आपके वर्तमान नामांकन (Admission) के आधार पर टैबलेट या स्मार्टफोन दिया जाता है, इसलिए वहां 60% अंक वाले छात्र भी कॉलेज में एडमिशन लेने के बाद पात्र हो जाते हैं।
प्रश्न 2: क्या प्राइवेट स्कूल या सीबीएसई (CBSE) बोर्ड के छात्रों को भी यह लाभ मिलता है?
उत्तर: मध्य प्रदेश की ₹25,000 की योजना केवल एमपी बोर्ड (MPBSE) से संबद्ध स्कूलों (सरकारी और प्राइवेट दोनों) के छात्रों के लिए है, CBSE छात्रों के लिए नहीं। वहीं, उत्तर प्रदेश की डिजीशक्ति योजना में बोर्ड से कोई फर्क नहीं पड़ता—चाहे आपने 12वीं CBSE से की हो या UP Board से, यदि आप यूपी के मान्यता प्राप्त कॉलेज में पढ़ रहे हैं, तो आपको लाभ मिलेगा।
प्रश्न 3: फ्री लैपटॉप योजना का ऑनलाइन फॉर्म कब से भरा जाएगा?
उत्तर: जैसा कि लेख में ऊपर स्पष्ट किया गया है, एमपी और यूपी दोनों ही राज्यों में छात्रों के लिए कोई बाहरी ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं निकलता। बोर्ड रिजल्ट आने या कॉलेज में एडमिशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सितंबर से मार्च के बीच संस्थान स्तर पर ही डेटा पोर्टल पर भेजा जाता है।
प्रश्न 4: क्या ₹25,000 मिलने के बाद लैपटॉप खरीदना और उसकी रसीद जमा करना अनिवार्य है?
उत्तर: मध्य प्रदेश सरकार यह राशि छात्रों को लैपटॉप खरीदने के उद्देश्य से ही प्रोत्साहन स्वरूप देती है ताकि वे आगे की पढ़ाई में तकनीक का उपयोग कर सकें। छात्रों को इस राशि का उपयोग अपने शैक्षणिक विकास और कंप्यूटर/लैपटॉप खरीदने में ही करना चाहिए।
प्रश्न 5: यदि मेरा बैंक खाता माता-पिता के साथ जॉइंट (Joint Account) है, तो क्या पैसे आ जाएंगे?
उत्तर: कोशिश करें कि बैंक खाता छात्र के स्वयं के नाम (Single Account) पर हो और उसमें छात्र का ही आधार नंबर NPCI/DBT से लिंक हो। जॉइंट खाते में कई बार आधार मैपिंग माता या पिता के नाम पर होती है, जिससे DBT पेमेंट रिजेक्ट हो सकता है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख विभिन्न राज्य सरकारों के आधिकारिक पोर्टलों (shiksha.mp.gov.in, digishakti.up.gov.in) और सूचना विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर छात्रों को सही जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी योजना के नियमों में राज्य सरकार द्वारा बजट और सत्र के अनुसार बदलाव किया जा सकता है। अंतिम पुष्टि के लिए हमेशा अपने शिक्षण संस्थान या संबंधित राज्य के आधिकारिक .gov.in पोर्टल की जांच अवश्य करें।
